Intro
jode jode phalwan pawan singh और palak muchal द्वारा गाये गए छठ पुजा का एक प्रांपरिक लोकगीत है ,जो बिशेषकर बिहार ,झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में chath puja के उपलक्ष में गाया जाता है अभी के समय में वेस्ट बंगाल आदि में भी छठ पर्व पूरे श्रद्धा से मनाया जाता है और छठ गीत गाया जाता है। यह गीत सूर्य देव,और छठी मैया के पुजा और अर्घ के समय गाया जाता है । गीत का भाव मुखयता रूप से भक्ति – भाव ,समर्पण और परिवार के सुख – समृद्धि की कामना से जुड़ा है।
Bhawarth
यह छठ गीत भक्तो को उस श्रद्धा और आनंद को व्यक्त करता है जब वे छठी मैया और सूर्य देव की इस प्रकृति रूप का आराधना करते है जिसमे सूर्य देव को जो अर्घ दिया जा रहा है उसका वर्णन किया जा रहा है की हाथ में फूल ,जोड़े फल,हाथ में जल धूप दिये से कैसे माँ को और सूर्य देव को चढ़ाते है ,आदि से कैसे सूर्य देव और उनके पूरे परिवार को कैसे श्रद्धा से अर्पण किया जा रहा है उसी का उल्लेख है। जिसे गाकर भक्त अपने घर का सुख – शांति और मंगल कामना करते है सूर्य देव जी से और छठी मैया से और मंगल कामना करते है।

Geet Ka Details
| album | chhath geet |
| song | jode jode phalwa |
| singer | pawan singh & palak muchhal |
| lyricist | vinay bihari |
| music | ajeet singh & anjani ramagya |
Jode Jode Phalwa Lyrics In English
MUSIC
M Jode Jode Phalwa Suruj Dev
Ghatwa Pe Tivaee Chadhavele Ho
M Jode Jode Phalwa Suruj Dev
Ghatwa Pe Tiwaee Chadhawele Ho
Jal Bich Khada Hoi Darshan La
Aasha ra Lagawele Ho
CHORUS
F Jal Bich Khada Hoi Darshan La
Aasra Lagawele Ho
MUSIC
F Sitali Biyariya Sitali Duje Paniya
Kab Dev Devta Tu Aake Darshaniya
MUSIC
F Ha … Sitali Biyariya Sitali Duje Paniya
Kab Dev Devta Tu Aake Darshaniya
M Jode Jode Supawa Aadit Dev
Ghatwa Pe Tiwaee Chadhawele Ho
Jal Bich Khada Hoi Darshan La
Aasha ra Lagawele Ho
CHORUS
F Jal Bich Khada Hoi Darshan La
Aasra Lagawele Ho
MUSIC
F Bhukhali Shaririya Sajal Subhe Manwa
Purube Lagal Baduwe Sabke Dhyanwa
MUSIC
F Ha … Bhukhali Shaririya Sajal Subhe Manwa
Purube Lagal Baduwe Sabke Dhyanwa
M Jode Jode Daura Ae Dinanath
Ghatwa Pe Tiwaee Chadhawele Ho
Jal Bich Khada Hoi Darshan La
Aasha ra Lagawele Ho
CHORUS
F Jal Bich Khada Hoee Darshan La
Aasra Lagawele Ho
MUSIC
F Vinay Bihari Likhale Maay Ke Bhajanwa
Gaweli Palak Beti Dhay Ke Dhyanwa
F Vinay Bihari Likhale Maay Ke Bhajanwa
Gaweli Palak Beti Dhay Ke Dhyanwa
M Jode Jode Piyari Ae Ganga Maiya
Ghatwa Pe Tiwaee Chadhawele Ho
Jal Bich Khada Hoi Darshan La
Aasha ra Lagawele Ho
CHORUS
F Jal Bich Khada Hoi Darshan La
Aasra Lagawele Ho
Jode Jode Phalwa Lyrics Click Download Botton & Download Pdf File
More Song Lyrics :-
* Har karam apna karenge
* Isse Pahle Ke Yaad Tu Aaye
* Dil Jhoom
* Maine Dil Se Kaha
* Jago Maa Jago
* Ekdantay Vakratunday
* Ma Go Tumi Sarbojonin
* Khairiyat Puchho
* Jitni Dafa Dekhu Tujhe
* Kanch Hi Bans Ke Bahangiya
Jode Jode Falwa Lyrics In Hindi
संगीत
M जोड़े फलवा सुरुज देव
घटवा पे तीवई चढ़ावेले हो
M जोड़े जोड़े फलवा सुरुज देव
घटवा पे तीवई चढ़ावेले हो
जल बिच खड़ा होई दर्शन ला
आशा रा लगावेले हो
कोरस
F जल बिच खड़ा होई दर्शन ला
आशरा लगावेले हो
संगीत
F शीतली बियरिया शीतल दूजे पनिया
कब देव देवता तू आके दर्शनिया
संगीत
F हां… शीतली बियरिया शीतल दूजे पनिया
कब देव देवता तू आके दर्शनिया
M जोड़े जोड़े सूपवा आदित देव
घटवा पे तीवई चढ़ावेले हो
जल बिच खड़ा होई दर्शन ला
आशा रा लगावेले हो
कोरस
F जल बिच खड़ा होई दर्शन ला
आशरा लगावेले हो
संगीत
F भुखली शरीरिया सजल शुभे मनवा
पुरुबे लागल बड़ुवे सबके ध्यानवा
F हां… भुखली शरीरिया सजल शुभे मनवा
पुरुबे लागल बड़ुवे सबके ध्यानवा
M जोड़े जोड़े दउरा ऐ दीनानाथ
घटवा पे तीवई चढ़ावेले हो
जल बिच खड़ा होई दर्शन ला
आशरा लगावेले हो
कोरस
F जल बिच खड़ा होई दर्शन ला
आशरा लगावेले हो
संगीत
F विनय बिहारी लिखले माई के भजनवा
गावेली पलक बेटी धई के ध्यानवा
F विनय बिहारी लिखले माई के भजनवा
गावेली पलक बेटी धई के ध्यानवा
M जोड़े जोड़े पियरी ऐ गंगा मईया
घटवा पे तीवई चढ़ावेले हो
जल बिच खड़ा होई दर्शन ला
आशा रा लगावेले हो
कोरस
F जल बिच खड़ा होई दर्शन ला
आशरा लगावेले हो
FAQ (Frequency Ask Questions)
छठ पुजा क्या है?
छठ पुजा सूर्य देव और छठी मैया की पावन उपासना का एक पर्व है,यह पर्व पारिवारिक मंगल और सुख – समृद्धि की कामना के तथा श्रद्धा के लिए मनाया जाता है।
छठ पुजा कब मनाई जाती है?
दिवाली के 5 वे दिन बाद 6 दिन में , यानि कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाई जाती है। कुछ जगह में चैत्र महीने में भी मनाया जाता है जिसे चैती छठ कहा जाता है।
छठ पुजा कितने दिन की होती है ?
छठ पुजा 4 दिन की होती है जिसमे
- पहला दिन -नहाय – खाय
- दूसरा दिन – खरना
- तीसरा दिन – संध्या अर्घ्य
- चौथा दिन – उषा अर्घ्य
छठ पूजा में किसकी पूजा होती है?
छठ पूजा में सूर्य देव और छठी मैया यानी (उषा या फिर षष्ठी माता) की पूजा होती है।
छठ पूजा कौन करता है?
मुख्य रूप से महिलाएं करती है यानी सभी माताएं व्रत रखती है पर अभी के समय पुरुष भी इस व्रत को श्रद्धा से व्रत करते है।
छठ पूजा में क्या क्या प्रसाद बनता है?
मुख्य प्रसाद के रूप में ठेकुआ,केला, कसार,नारियल, गन्ना,सेब,सिंघाड़ा आदि रहता है।
अर्घ्य देना क्या है?
अर्घ्य देना मतलब जल अर्पण करना हैं।
- पहला अर्घ्य सूर्यास्त शाम के समय (सांध्य अर्घ्य)
- दूसरा अर्घ्य सूर्योदय सुबह के समय (उषा अर्घ्य)
छठ पूजा में व्रत कैसे रखा जाता है?
छठ पूजा का व्रत 36 घंटे का कठोर निर्जला उपवास होता है।सभी व्रती बिना भोजन पानी के रहते है केवल सूर्य अर्घ्य के समय जल का स्पर्श करता है।
छठ पूजा का महत्व क्या है?
छठ पूजा का महत्व ये है कि इसमें सूर्य देव का जीवित रूप में पूजा अर्घ्य किया जाता है।यह सूर्य देव का स्वास्थ्य समृद्धि सुख शांति संतान प्राप्ति का प्रतीक है।
छठ पूजा का नियम क्या है?
छठ पूजा का नियम कुछ इस प्रकार है
- बिना नमक और प्याज लहसुन का भोजन करना
- घाट या जलाशय में नहाकर अर्घ्य देना
- साफ कपड़ा और शुद्ध वातावरण में पूजा करना
- शुद्धता पवित्रता और धैर्य रखना जरूरी होता है
- मन में श्रद्धा भक्ति का होना जरूरी होता है आदि
.webp)