Ganesh Ji Ki Aarti Bhajan With Pdf 2025

Ganesh Ji Ki Aarti

आज हम ganesh ji ki aarti “Jai Ganesh Jai Ganesh Jai Ganesh Deva” के बारे में जानेंगे की गणेश जी की आरती को कब गया जाता जाता है और क्यो इसके गाने से क्या होता है तो चलिये जानते है –
तो शास्त्रो के अनुसार गणेश जी को प्रथम पुजा जाता है जिसके कारण किसी भी शुभ कार्य ,पुजा के प्रारम्भ में ,विवाह – शादी में ,गृह प्रवेश में ,व्यापार शुरू करने से पहले गणेश जी की आरती को गाने से गणेश जी की कृपया प्राप्त होती है ।

गणेश जी की आरती को प्रत्येक दिन सुबह -शाम पुजा करने के समय तथा संध्या आरती के समय भी गा सकते है इसको गाने से घर में दुख -कष्ट से निजात पाया जाता है क्योकि गणेश जी को विघ्नहर्ता के रूप में भी जाना जाता है ।

शुक्रबार और मंगलबार को गणेश जी को समर्पित दिन माना जाता है,इस आरती को आप गणेश चतुर्थी ,संकाष्ठि चतुर्थी , आदि में भी गा सकते है ।

भगवान गणेश की प्रसिद्ध आरती “Jai Ganesh Jai Ganesh Jai Ganesh Deva” में भक्त अपने जीवन के सभी दुखों को दूर करने और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। इस आरती में भगवान गणेश को माता पार्वती और पिता शिव के पुत्र के रूप में संबोधित किया गया है, जो ज्ञान, बुद्धि और सफलता के देवता हैं।

आरती की पंक्तियों में कहा गया है कि जो भी सच्चे मन से भगवान गणेश की पूजा करता है, उसकी सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं। “अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया” जैसे शब्द यह दर्शाते हैं कि गणेश जी हर प्रकार के कष्टों को समाप्त करने वाले हैं। वे भक्तों के जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करते हैं।

इस आरती में भगवान गणेश को “विघ्नहर्ता” कहा गया है, अर्थात जो सभी विघ्नों को हर लेते हैं। “हार चढ़े, फूल चढ़े, और चढ़े मेवा” जैसी पंक्तियां यह दर्शाती हैं कि भक्त अपने प्रेम और श्रद्धा से भगवान को प्रसन्न करते हैं।

कुल मिलाकर, यह आरती हमें सिखाती है कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त की जा सकती है, जिससे जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती ,पिता महादेवा ।।
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एक दंत दयावन्त ,चार भुजा धारी ।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ।।
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जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती ,पिता महादेवा ।।
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पान चढ़े फल चढ़े , और चढ़े मेवा ।
लड्डुवन का भोग लगे ,संत करे सेवा ।।
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जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती ,पिता महादेवा ।।
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अंधन को आँख देत ,कोढ़िन को काया ।
बांझन को पुत्र देत ,निर्धन को माया ।।
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जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती ,पिता महादेवा ।।
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सुर श्याम शरण आए , सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती ,पिता महादेवा ।।
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जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती ,पिता महादेवा ।।
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दिनन की लाज रखो ,शंभू सूतकारी ।
कामना को पूर्ण करो , जाऊं बलिहारी ।।
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जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती ,पिता महादेवा ।।
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हिंदू धर्म में भगवान Ganesh Ji KI aarti का विशेष महत्व है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणेश जी की पूजा के बिना अधूरी मानी जाती है। यही कारण है कि विवाह, गृह प्रवेश, व्यापार या किसी नए कार्य से पहले “जय गणेश” आरती गाई जाती है।

गणेश जी को बुद्धि, ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। उनकी आरती करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं। नियमित रूप से इस आरती का पाठ करने से मन शांत रहता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान गणेश की आरती करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। यह आरती व्यक्ति को अपने जीवन में अनुशासन, धैर्य और परिश्रम की प्रेरणा देती है।

विशेष रूप से गणेश चतुर्थी के अवसर पर इस आरती का महत्व और भी बढ़ जाता है। इस दिन भक्तगण पूरे विधि-विधान से गणेश जी की पूजा करते हैं और आरती गाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

आज के आधुनिक जीवन में भी यह आरती उतनी ही प्रासंगिक है, क्योंकि यह मानसिक तनाव को कम करने और सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद करती है। इस प्रकार, गणेश जी की आरती केवल धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने का एक मार्ग भी है।

Jay Ganesh Jay Ganesh, Jay Ganesh Deva.
Mata Jaki Parvati ,Pita Mahadeva ..
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Ek Dant Dayavant ,Chaar Bhuja Dharee .
Mathe Sindoor Sohe, Moose Kee Savaaree ..

Jay Ganesh Jay Ganesh, Jay Ganesh Deva.
Maata Jaakee Parvatee ,Pita Mahaadeva ..
*

Paan Chadhe Phal Chadhe , Aur Chadhe Meva .
Ladduvan Ka Bhog Lage ,Sant Kare Seva

Jay Ganesh Jay Ganesh, Jay Ganesh Deva.
Maata Jaakee Paarvatee ,Pita Mahaadeva ..
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Andhan Ko Aankh Det ,Kodhin Ko Kaaya .
Baanjhan Ko Putr Det ,Nirdhan Ko Maaya ..
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Jay Ganesh Jay Ganesh, Jay Ganesh Deva.
Maata Jaakee Paarvatee ,Pita Mahaadeva ..
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Sur Shyaam Sharan Aae , Saphal Keeje Seva.
Maata Jaakee Paarvatee ,Pita Mahaadeva ..

Jay Ganesh Jay Ganesh, Jay Ganesh Deva.
Maata Jaakee Paarvatee ,Pita Mahaadeva ..
*

Dinan Kee Laaj Rakho ,Shambhoo Sootakaaree .
Kaamana Ko Poorn Karo , Jaoon Balihaaree ..

Jay Ganesh Jay Ganesh, Jay Ganesh Deva.
Maata Jaakee Paarvatee ,Pita Mahaadeva

भगवान Ganesh Ji Ki Aarti “Jai Ganesh Jai Ganesh Jai Ganesh Deva” केवल एक भक्ति गीत नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली एक आध्यात्मिक साधना है। इसका नियमित पाठ व्यक्ति के मन, बुद्धि और आत्मा को शुद्ध करता है और उसे सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है।

इस आरती के माध्यम से हमें यह संदेश मिलता है कि जीवन में आने वाली कठिनाइयों से घबराने के बजाय हमें धैर्य और विश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। भगवान गणेश की कृपा से हर समस्या का समाधान संभव है, बस जरूरत है सच्ची श्रद्धा और समर्पण की।

आज के तेज़-रफ्तार जीवन में, जहां तनाव और चिंता आम बात हो गई है, वहां इस प्रकार की आरतियां हमें मानसिक शांति प्रदान करती हैं। यह हमें अपने अंदर की शक्ति को पहचानने और जीवन में संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देती हैं।

अंततः, यह कहा जा सकता है कि गणेश जी की आरती हमें न केवल आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाती है, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने का मार्ग भी दिखाती है। इसलिए, हर व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन में इस आरती को शामिल करना चाहिए, ताकि वह सुख, शांति और समृद्धि का अनुभव कर सके।

गणेश जी की आरती का उद्देश्य क्या है ?

इस आरती को गाने का उद्देश्य विघ्नो को हरने और सफलता,बुद्धि ,व समृद्धि के लिए गाया जाता है।

गणेश जी की आरती को किसने पहली बार लिखा?

समर्थ रामदास स्वामी ।

गणेश जी की आरती कितने देर की है ?

1.5 से 2 मिनट तक ।

गणेश जी की आरती को किसने – किसने गाया है ?

अनुराधा पौडवाल ,लता मांगेसकर ,अल्का यागनिक आदि ।

गणेश जी की आरती को PDF में कैसे DOWNLOAD करे ?

PDF DOWNLOAD बटन को क्लिक करके ।

क्या गणेश जी की आरती हर दिन कर सकते हें ?

ज़रूर कर सकते हें ।

गणेश जी का और नाम क्या हें ?

गणपती ,गजनन ,एकदंत ,लंबोदर ,मूषक सवार ,आदि ।

गणेश जी का वाहन क्या है?

मूषक ।

गणपती बप्पा का आरती कब – कब गाना चाहिए ?

किसी शुभ कार्य के समय ,गणेश चतुर्थी ,संकास्थि चतुर्थी ,मंगलबार ,शुक्रबार ।

गणेश जी की पत्नी का क्या नाम हें ?

रिद्धी -सिद्धि ।

गणेश जी का पापा कौन है ?

महादेव ।

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